चीफ जस्टिस ने मीडिया पर की ऐसी टिप्पणी, सुनकर आप भी हो जाएंगे हैरान
मीडिया के बढ़ते और बदलते स्वरूप ने उसकी गुणवत्ता और पैमाने पर जो चोट की है शायद ही उसे दोबारा बनाया जा सके और यही वजह है कि समय दर समय कुछ ऐसे व्यक्तियों के द्वारा मीडिया पर टिप्पणी की जाती रही है जिसे गलत साबित करना मुश्किल सा लगने लगता है। कुछ ऐसा ही वाक्या एक बार फिर से दोहराया गया है और इस बार भारत के चीफ जस्टिस ने मीडिया पर टिप्पणी की है।
क्या कहा मुख्य न्यायाधीश ने –

दरअसल कर्नाटक विधानसभा को भंग करने के लिए फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की गई और इसके लिए आज सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई के इस पर त्वरित सुनवाई हो जिस को खारिज करते हुए चीफ जस्टिस ने सुनवाई करने से साफ इंकार कर दिया उसके बाद वकील लिली थॉमस ने एक न्यूज़ पेपर की कटिंग को दिखाते हुए कहा कि देखिए कैसे कर्नाटक में हॉर्स ट्रेंडिंग और दल बदल कानून का साफ उल्लंघन किया जा रहा है ?
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इसके बाद चीफ जस्टिस ने मीडिया पर टिप्पणी की उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि – “मैडम कृपया न्यूजपेपर न पढ़ें न ही टीवी देखें, आप खुश रहेंगी। इसके अलावा आप कुछ कहना चाहती हैं तो आवेदन फाइल करें।” चीफ जस्टिस ने आगे भी कहा कि कल सुनवाई होगी या नहीं देखा जाएगा…।
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गौरतलब है कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के ऊपर कथित रूप यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था जिसके बाद मीडिया में तरह तरह की खबरों को फैलाया जाने लगा और मुख्य न्यायाधीश की गरिमा का भी कई मीडिया संस्थानों के द्वारा जमकर खंडन किया गया हालांकि इस मामले में किसी भी प्रकार की कोई बड़ी कार्यवाही नहीं की गई लेकिन उस समय खबरों को सबसे पहले परोसने की होड़ में जिस तरीके से मीडिया संस्थानों ने अपने नियमों के हिसाब से खबरों को चलाया वह वाकई विचारणीय था और इसी के मद्देनजर चीफ जस्टिस ने मीडिया पर टिप्पणी की है।
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